रविवार, 13 नवंबर 2016

लड़का समंदर कई बार देख चुका है 
लड़की ने पहली बार देखा था 
वह समंदरों के शहर में रहता रहा है 
पहले वो आस्मां था 
फिर समंदर था ,फिर लड़का बना 
दरअसल वह स्मृति बनना चाहता था
जब उसने पहली बार लड़की के पांव चूमे
लड़की ठिठकी
दूसरी बार चूमने पर लड़की मुस्कराई
अब वह समंदर में उतरना चाहती है
लड़का लहरों में लड़की का हाथ पकड़े रहता है
तब भी जब वह बार-बार छूट जाता है
किनारे पर सीपियाँ है, शंख हैं
और मरी हुई मछलियाँ भी
पांवों के निशाँ कोई नहीं हैं
समंदर सारी निशानियाँ मिटा देता है
नावें है ,नाविक है बंधे हुए ज़ाल भी
नाविक नौकाओं से खेलते है
नौकाएं समंदर से
एक रस्सी दोनों के बीच झूलती है
नावें ,नाविक और समंदर तीनों खुश है
लड़का और लड़की भी खुश हैं
लड़की लड़के के चेहरे से नमक चूमना चाहती है
लड़का डूबते हुए समंदर को देखना चाहता है
लड़की समंदर से बाहर निकलती है
लड़का अपने पानी में कैद कर लेता है उसकी परछाई .
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